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| Image Source:- Pinterest/zahraahussan11 |
नमस्कार दोस्तों , ईरान इजराइल के बीच चल रहा टकराव खतरनाक होता जा रहा है। पहले ईरान के सुप्रीम लीडर की मौत और अब उसके सिक्योरिटी चीफ अली लारीजानी की हत्या कर दी गई है। यानी इजराइल लगातार ईरान के बड़े-बड़े और ताकतवर नेताओं को टारगेट कर रहा है। इसी खतरे को देखते हुए अब ईरान पूरी तरह सतर्क हो गया है। खासकर उसके नए सुप्रीम लीडर मुस्तबा खामनई की सुरक्षा को लेकर। ईरान को डर है कहीं अगला निशाना, अगला टारगेट वही ना बन जाए। इसीलिए मुस्तबा खामनई की सुरक्षा के लिए एक बेहद खास और हाईटेक सुरक्षा घेरा तैयार किया गया है। जिसकी चर्चा अब पूरी दुनिया में हो रही है।
तो आज हम आपको आसान भाषा में समझाएंगे कि ईरान ने अपने नए सुप्रीम लीडर की सुरक्षा के लिए कैसी खास Task Force तैयार की है और यह कितनी ताकतवर और अलग है।
क्या है एनओपीओ(NOPO) फोर्स?
धमकियों के बीच ईरान ने मुस्तबा खामनई की सुरक्षा के लिए एक खास फौज को तैनात किया है जो अपनी बेरहमी के लिए जानी जाती है। इस Task Force का नाम है ब्लैक क्लड स्पेशल फोर्स जिसे NOPO के नाम से भी जाना जाता है। फोर्स यानी कि NOPO मुस्तबा खामनई के आसपास एक साए की तरह रहती है। रिपोर्ट्स के मुताबिक खामनई के पिता की हत्या के बाद ईरान ने सुरक्षा घेरे में बड़ा बदलाव किया। कहा जाता है कि पिता की मौत के बाद मुस्तबा खामनई के आसपास एक परिंदा भी पर नहीं मार सकता। अब यह घातक फोर्स मुस्तबा खामनई की सुरक्षा में दिन रात मौजूद है। मुस्तैद है।
Revolutionary Guard से भी ज्यादा खतरनाक NOPO Task Force
NOPO फोर्स का गठन साल 1991 में किया गया था। यह ईरान की एक हाईली ट्रेंड स्पेशल पुलिस फोर्स है। ईरान समय के साथ इसको लगातार बेहतरीन ट्रेनिंग देता आ रहा है। आज के वक्त में इसे ईरान के Islamic Revolutionary Guard कॉप्स आईआरजीसी से भी ज्यादा पेशेवर माना जाता है। यह फोर्स आईआरजीसी की तुलना में कहीं अधिक घातक, क्रूड और वेल ट्रेन होती है।
इसे ईरान की सबसे प्रशिक्षित टैक्टिकल यूनिट माना जाता है। इस यूनिट के पास आधुनिक हथियार और बेहतरीन कमांडो है। ये जवान ना केवल हथियार में माहिर होते हैं बल्कि वो मनोवैज्ञानिक रूप से भी बहुत ज्यादा मजबूत माने जाते हैं।
कैसे होता है इन खूंखार जवानों का चयन NOPO Task Force मे
NOPO फोर्स में भर्ती होना कोई आसान काम नहीं है। इसके लिए जवानों का चयन उनकी शारीरिक बनावट और मानसिक स्वास्थ्य के आधार पर किया जाता है। उम्मीदवारों की लंबाई, कद काठी, शानदार फिटनेस, हाई आईक्यू और मजबूत मानसिक संतुलन देखा जाता है।
जो जवान इन मानकों पर खरे उतरते हैं उसके बाद उनको NOPO खुद ट्रेंड करती है। इन जवानों को फ्री रनिंग और पारकोर की ट्रेनिंग दी जाती है ताकि वह किसी भी बाधा को आसानी से पार कर सके। वो मार्शल आर्ट और सेल्फ डिफेंस की तकनीकों के विशेषज्ञ होते हैं।
इतना ही नहीं जवानों को हवा से कूदने यानी कि पैराशूटिंग, फ्री फॉल और पैराग्लाइडिंग में भी महारत हासिल होती है। उन्हें पानी के भीतर ड्राइविंग और नेविगेशन की ट्रेनिंग भी दी जाती है।
घरेलू विद्रोह को कुचलने में NOPO का इस्तेमाल
NOPO फोर्स का इस्तेमाल केवल आतंकियों से लड़ने के लिए नहीं बल्कि घरेलू विद्रोह को दबाने के लिए भी किया जाता है। इस यूनिट के जवान अक्सर काले कपड़ों और नकाब में नजर आते हैं जो लोगों के मन में डर पैदा करने के लिए काफी है। जिस कारण इस यूनिट को ब्लैक क्लड भी कहा जाता है।
आपको बता दें कि हाल के आर्थिक संकट के दौरान हुए प्रदर्शनों को इसी फोर्स ने बेरहमी से कुचला था। इस प्रदर्शन के दौरान ईरान में हजार से ज्यादा लोगों की जान गई थी।
सार्वजनिक फांसी के दौरान तैनाती
ईरान में सार्वजनिक तौर पर दी जाने वाली फांसी की सजा के दौरान भी NOPO के जवानों को ही तैनात किया जाता है। इनका मकसद वहां मौजूद भीड़ को कंट्रोल करना और डर का माहौल बनाए रखना होता है।
अगर किसी अपराधी के परिवार वाले या दोस्त फांसी के दौरान विरोध प्रदर्शन करते हैं, प्रोटेक्ट करते हैं तो यह जवान तुरंत उस पर काबू करते हैं। इनकी मौजूदगी ही किसी भी विद्रोह को रोकने के लिए पर्याप्त मानी जाती है।
क्या मुस्तबा खामनेई नहीं छिपे हुए हैं?
ईरान के नए सुप्रीम लीडर मुस्तफा खामनेई को जब से चुना गया है वह सार्वजनिक रूप से दिखाई नहीं दिए हैं। आपको बता दें कि 8 मार्च को उन्हें पद सौंपा गया था। लेकिन उसके बाद अभी तक उन्होंने कोई भी सार्वजनिक संदेश नहीं दिया है। सार्वजनिक तौर पर वह सामने नहीं आए हैं।
रिपोर्ट्स की मानें तो वह अमेरिका और इजराइल के शुरुआती हवाई हमलों में घायल हो गए थे। इसी के साथ न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक मुस्तबा खामनई के पैरों में गंभीर चोटें आई हैं और वह इस समय एक सुरक्षित ठिकाने पर हैं।
हालांकि ईरान ने इन खबरों का खंडन किया है। उन्होंने दावा किया है कि जो मुस्तबा खामनई नहीं है वो पूरी तरह सुरक्षित है और स्वस्थ हैं।
Concluson
तो आपको क्या लगता है जिस तरह एक के बाद एक ईरान के बड़े नेताओं को इजराइल मार रहा है। तो क्या यह स्पेशल यूनिट कमांड यानी कि NOPO अपने सुप्रीम लीडर को सुरक्षित रख सकने में कामयाब रहेगी?
🤔🤔अपने विचार 📝कमेंट्स में जरूर बताएं। नमस्कार।
