Betty Nesmith Graham's and Liquid Paper Success Story

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Liquid Paper Success Story
Image Source:- History Unfolded 

बेट्टी नेस्मिथ ग्राहम कौन थीं? एक तलाकशुदा सिंगल मदर की संघर्षपूर्ण शुरुआत

1958 में एक तलाकशुदा सिंगल मदर को बैंक में अपनी सेक्रेटरी की नौकरी से निकाल दिया गया था। इक्कीस साल बाद उसने अपने साइड बिज़नेस को 4.75 करोड़ डॉलर (47.5 मिलियन डॉलर) में बेच दिया — और उसका किशोर उम्र का सहायक आगे चलकर MTV का आविष्कार करने वालों में शामिल हुआ। उसका नाम था बेट्टी नेस्मिथ ग्राहम

    1924 में डलास में जन्मी बेट्टी नेस्मिथ ग्राहम हाई स्कूल ड्रॉपआउट थीं। उन्होंने 19 साल की उम्र में वॉरेन नेस्मिथ नामक एक सैनिक से शादी की। 1942 में उनके बेटे माइकल का जन्म हुआ। लेकिन जब उनके पति द्वितीय विश्व युद्ध से लौटे, तो उनकी शादी टूट गई। 1946 तक वह केवल 22 साल की एक सिंगल मदर थीं — न कोई डिप्लोमा, न कोई करियर, और न ही कोई स्पष्ट योजना।

     उन्होंने नाइट स्कूल में पढ़कर GED (हाई स्कूल समकक्ष प्रमाणपत्र) हासिल किया। फिर टाइपिंग की नौकरी की। 1951 तक वह डलास के टेक्सास बैंक एंड ट्रस्ट में बोर्ड के चेयरमैन की एग्जीक्यूटिव सेक्रेटरी बन गई थीं और लगभग 300 डॉलर प्रति माह कमाती थीं। वह अपने काम में अच्छी थीं।

खराब टाइपिस्ट होने की सबसे बड़ी समस्या

   लेकिन एक समस्या थी। वह बहुत खराब टाइपिस्ट थीं। टेक्सास बैंक ने हाल ही में नए IBM इलेक्ट्रिक टाइपराइटर लगाए थे। उनकी कुंजियाँ बहुत संवेदनशील थीं। कार्बन-फिल्म रिबन ऐसी स्याही छोड़ते थे जिसे साफ-सुथरे ढंग से मिटाया नहीं जा सकता था। एक छोटी-सी टाइपिंग गलती का मतलब होता था पूरे पन्ने को दोबारा टाइप करना।

    उनके बेटे माइकल ने बाद में याद किया कि वह अक्सर अपनी माँ को शाम के समय रसोई की मेज पर बैठकर गलतियाँ सुधारने की कोशिश करते देखते थे। कभी-कभी नौकरी जाने के डर से वह "घबराहट के आँसू" तक बहाने लगती थीं।

  बेट्टी नेस्मिथ ग्राहम का एक साइड बिज़नेस था जिसने उनकी ज़िंदगी बदल दी। वह बैंक की छुट्टियों के दौरान खिड़कियों पर सजावटी पेंटिंग बनाकर अतिरिक्त पैसे कमाती थीं।

"Mistake Out" से Liquid Paper बनने तक 

        
Liquid Paper
Image Source: Blick Art Materials 

       एक दिन, जब वह खिड़की पर पेंटिंग करते हुए अपनी एक गलती को रंग से ढक रही थीं — बिना रबर, बिना मिटाए — तभी उनके मन में एक विचार आया। बाद में उन्होंने कहा, "एक कलाकार गलतियों को मिटाकर नहीं सुधारता। वह उन पर रंग चढ़ा देता है।"

  उस रात वह सार्वजनिक पुस्तकालय गईं। वहाँ उन्होंने टेम्परा पेंट की एक रेसिपी ढूँढ़ी। घर लौटकर उन्होंने अपनी रसोई के ब्लेंडर में एक पतला सफेद मिश्रण तैयार किया। उसे एक खाली नेल पॉलिश की बोतल में भर दिया। फिर उसे अपने बैंक के स्टेशनरी पेपर के रंग से मिलाने के लिए हल्का रंग दिया।

     अगली सुबह वह उसे एक छोटे वॉटरकलर ब्रश के साथ ऑफिस ले गईं। जब भी टाइपिंग में गलती होती, वह उस सफेद रंग की एक छोटी परत गलती पर लगा देतीं, उसे सूखने देतीं, और फिर उसी जगह दोबारा टाइप कर देतीं।

    उनके बॉस को पाँच साल तक इसका पता ही नहीं चला। लेकिन उनकी साथी सेक्रेटरियों ने इसे देख लिया। उन्होंने भी वह मिश्रण माँगा। फिर उनकी सहेलियों ने माँगा। फिर दूसरे दफ्तरों के लोग भी माँगने लगे।

   1956 तक बेट्टी नेस्मिथ ग्राहम अपनी रसोई में इसकी खेप तैयार करने लगी थीं और नेल पॉलिश की बोतलों में भरकर बेचने लगी थीं। उन्होंने इसका नाम रखा — "मिस्टेक आउट"

1958 में नौकरी से निकाले जाने की घटना और Mistake Out से Liquid Paper बनने तक

    तब तक उनका बेटा माइकल 14 साल का हो चुका था। वह और उसके दोस्त गैरेज में बैठकर उन बोतलों को भरते थे और इसके बदले उन्हें एक डॉलर प्रति घंटा मिलता था। फिर 1958 आया। और बेट्टी नेस्मिथ ग्राहम को नौकरी से निकाल दिया गया।

    एक दिन उन्होंने गलती से अपने बॉस के लिए टाइप किए जा रहे पत्र पर अपनी ही कंपनी का नाम — "Mistake Out Co." — टाइप कर दिया। बस, उनके बॉस ने उन्हें नौकरी से निकाल दिया। लेकिन वही उनकी ज़िंदगी की सबसे अच्छी घटना साबित हुई।

      उन्होंने अपने उत्पाद का नाम बदलकर "Liquid Paper" रख दिया, उसका पेटेंट कराया और पूरी तरह उसी व्यवसाय पर ध्यान देना शुरू कर दिया। 1958 में "The Office" नामक एक व्यापारिक पत्रिका में उनके उत्पाद का ज़िक्र हुआ। इसके बाद पूरे देश से 500 पूछताछें आने लगीं।

     फिर जनरल इलेक्ट्रिक ने तीन अलग-अलग रंगों में 400 बोतलों का ऑर्डर दे दिया। यह उनकी पूरी मासिक उत्पादन क्षमता से चार गुना अधिक था। 1968 तक वह सालाना 10 लाख बोतलें बेच रही थीं। और 1970 के दशक के मध्य तक यह संख्या बढ़कर 2.5 करोड़ बोतलें प्रति वर्ष हो गई।

Dallas में Liquid Paper का मुख्यालय

      उन्होंने डलास में अपना मुख्यालय बनाया। और उसे ठीक उसी तरह चलाया जैसा वह चाहती थीं कि उनके पुराने बॉस चलाते। Liquid Paper Corporation में कर्मचारियों के लिए एक पुस्तकालय था। बच्चों के लिए डे-केयर सेंटर था। उन्होंने प्रबंधन के महत्वपूर्ण पदों पर महिलाओं को नियुक्त किया। उन्होंने नस्लीय भेदभाव के बिना कर्मचारियों की भर्ती की।

कर्मचारियों के लिए प्रगतिशील कार्यस्थल का निर्माण, महिलाओं, दिव्यांगों और विविध समुदायों को अवसर

       उन्होंने दिव्यांग कर्मचारियों को भी काम दिया — जिनमें दृष्टिहीन लोग और व्हीलचेयर उपयोग करने वाले लोग शामिल थे। उन्होंने अपनी संगठनात्मक संरचना को पिरामिड की बजाय एक वृत्त के रूप में चित्रित किया। किसी भी कर्मचारी की आगे की शिक्षा का 75% खर्च कंपनी उठाती थी। और कर्मचारियों की समितियों को कंपनी के फैसलों पर मतदान करने का अधिकार दिया गया था।

1970 के दशक में कॉर्पोरेट अमेरिका से आगे की सोच

      यह 1970 का दशक था। और कॉर्पोरेट अमेरिका का अधिकांश हिस्सा इन विचारों से दशकों पीछे था।
फिर 1975 में एक और संकट आया। उनके दूसरे पति रॉबर्ट ग्राहम — जिनसे उन्होंने 1962 में विवाह किया था और जिन्हें उन्होंने व्यवसाय में शामिल किया था — उनसे तलाक ले लिया और उन्हें उनकी अपनी कंपनी से बाहर निकालने की कोशिश की।

     उसने उनका फॉर्मूला बदल दिया। उनकी रॉयल्टी रोक दी। बीमार और थकी हुई बेट्टी ने संघर्ष किया और अंततः कंपनी में अपनी 49% हिस्सेदारी बचाने में सफल रहीं।

  1979 में, जब उनकी सेहत लगातार बिगड़ रही थी, उन्होंने Liquid Paper को Gillette को 4.75 करोड़ डॉलर के शेयरों में बेच दिया। आज के मूल्य में यह लगभग 17.3 करोड़ डॉलर (173 मिलियन डॉलर) के बराबर है।

     इसके अलावा उन्हें अगले बीस वर्षों तक बिकने वाली हर बोतल पर रॉयल्टी भी मिलनी थी। लेकिन दुखद रूप से, केवल छह महीने बाद — 12 मई 1980 को — उन्हें स्ट्रोक आया और उनका निधन हो गया।

    वह केवल 56 वर्ष की थीं। उनकी संपत्ति का आधा हिस्सा उन दो फाउंडेशनों को गया जिन्हें उन्होंने व्यवसाय और कला के क्षेत्र में महिलाओं की सहायता के लिए स्थापित किया था। बाकी आधी संपत्ति उनके बेटे को मिली। वही बेटा जिसने किशोरावस्था में अपनी माँ के गैरेज में Liquid Paper की बोतलें भरी थीं।

    उनकी मृत्यु तक वह स्वयं भी प्रसिद्ध हो चुका था — लेकिन किसी और कारण से। उसका नाम था माइकल नेस्मिथ।

The Monkees बैंड में माइकल की सफलता

     वह 1960 के दशक के बेहद लोकप्रिय पॉप समूह "The Monkees" का ऊनी टोपी पहनने वाला गिटारवादक था। और इस बैंड से आसमान छूं जानेवाला सफलता मिला था । इसी बैंड से लोकप्रियता भी बढ़ चुकी थी । 

Liquid Paper की रॉयल्टी से शुरू हुआ नया सपना

     लेकिन असली कहानी अभी बाकी थी।  माइकल ने अपनी माँ से मिलने वाली Liquid Paper की रॉयल्टी का उपयोग एक छोटे से प्रयोगात्मक टीवी कार्यक्रम को वित्तपोषित करने में किया, जिसका सपना वह लंबे समय से देख रहा था। उस कार्यक्रम में लोकप्रिय गीतों के साथ छोटे-छोटे प्रचारात्मक फिल्म क्लिप दिखाए जाते थे।

    उसने उसका नाम रखा — "PopClips"। यह कार्यक्रम 1980 और 1981 में Nickelodeon नामक केबल नेटवर्क पर प्रसारित हुआ।  "PopClips" ही आगे चलकर MTV का प्रत्यक्ष प्रारूप (प्रोटोटाइप) बना।

MTV के जन्म में अप्रत्यक्ष योगदान

     अगस्त 1981 में MTV लॉन्च हुआ। संगीत उद्योग के इतिहासकार माइकल नेस्मिथ के काम को आधुनिक म्यूजिक वीडियो प्रारूप के विकास का एक महत्वपूर्ण आधार मानते हैं — एक ऐसा प्रारूप जिसने अगले तीस वर्षों तक पॉप संगीत की दुनिया को बदलकर रख दिया।
          इसलिए अगली बार जब आपको किसी दराज में पुरानी Liquid Paper की बोतल दिखाई दे, तो यह कहानी याद रखिए। एक तलाकशुदा सिंगल मदर, जिसे खराब टाइपिस्ट होने के कारण नौकरी से निकाल दिया गया था, उसने अपनी रसोई के ब्लेंडर में एक समाधान तैयार किया।
        उसने 1970 के दशक के अमेरिका के सबसे प्रगतिशील कार्यस्थलों में से एक का निर्माण किया।
अपनी कंपनी को लगभग पाँच करोड़ डॉलर में बेचा।

      और उनके बेटे ने उसी धन का उपयोग करके MTV के जन्म में योगदान दिया। बेट्टी ग्राहम ने वह बात साबित कर दी जिसे उनके पुराने बॉस पाँच साल तक समझ ही नहीं पाए थे।

         गलतियाँ समस्या नहीं थीं। वे अवसर थीं।

      क्या आपकी ज़िंदगी में भी कभी ऐसा हुआ है कि जिसे आपने अपनी सबसे बड़ी असफलता समझा हो, वही आगे चलकर आपकी सबसे बड़ी सफलता साबित हुई हो?

⚠️ नोट: यह जानकारी विभिन्न सार्वजनिक स्रोतों, लेखों और ऐतिहासिक विवरणों पर आधारित है। इसका उद्देश्य केवल प्रेरणादायक और शैक्षिक जानकारी साझा करना है। समय के साथ उपलब्ध तथ्यों या आँकड़ों में अंतर संभव है। पाठकों से अनुरोध है कि किसी भी जानकारी को अंतिम सत्य मानने से पहले स्वतंत्र रूप से सत्यापित अवश्य करें।



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